Success stories

     भामाशाह योजना की सफलता की कहानिया-

1.भामाशाह योजना से पहले किसी भी सरकारी योजना मे महिला को मुखिया नही बनाया गया। भामाशाह योजना मे महिला को मुखिया बनाने से महिलाये सशक्त हुई है। भामाशाह योजना के द्वारा BPL परिवार की महिला मुखिया के बैक खाते मे 2000 रू आर्थिक सहायता भी दी जाती है भामाशाह योजना से मुझे 2000 रू कि सहायता मेरे बैंक बचत खाते में प्राप्त हुई (दिनांक 21.08.2015 को 1000 रू व 17.10.2015 को 1000 रू ) जिसके मेरे परिवार को आर्थिक सहयोग मिला व महिला को परिवार मे आर्थिक निर्णय लेने का अधिकार मिला।

मुखिया का नाम . शान्तिबाई

2.भामाशाह कार्ड बनने से पहले नरेगा योजना मे काम करने पर मजदूरी समय पर नही मिलती थी भामाशाह कार्ड बनने के बाद मेरी मजदूरी हर माह मेरे बैक खाते मे जमा हो जाती है और मुझे मजदूरी मेरे बैक खाते मे जमा होते ही मेरे मोबाईल पर सूचना प्राप्त हो जाती है। इसलिए में भामाशाह योजना से खुश हूॅं।-
भामाशाह कार्ड बनने से पहले राशन डीलर के पास राशन सामग्री प्राप्त होने की मुझे कोई सूचना प्राप्त नही होती थी। या डीलर के द्वारा ये बताया जाता था कि तुम्हारा राशन अभी नहीं आया है और इससे मेरा समय बर्बाद होता था लेकिन अब भामाशाह कार्ड बनने के बाद राशन डीलर के पास राशन सामग्री प्राप्त होते ही मुझे रजिस्टर्ड मोबाइल पर सूचना मैसेज के द्वारा प्राप्त हो जाती है मेरा राशन केवल मेरे द्वारा या मेरे परिवार के दूसरे सदस्य का अंगूठा लगाकर राशन ले लिया जाता है इसलिए में भामाशाह योजना से खुश हूॅं।- 
मुखिया का नाम . धन्नी बाई

3.भामाशाह कार्ड बनने से पहले मेरी पेंशन राशि 5 या 6 माह मे आती थी व कभी आती नही थी। भामाशाह कार्ड बनने के बाद मेरी पेंशन हर माह मेरे बैक खाते मे जमा हो जाती है और मुझे पेंशन मेरे बैक खाते मे जमा होते ही मेरे मोबाईल पर सूचना प्राप्त हो जाती है। इसलिए में भामाशाह योजना से खुश हूॅं।-
मुखिया का नाम -चमेली बाई

      पट्टा आवंटन अभियान अन्तर्गत हुये कार्यों की सफलता की कहानियां

राज्य सरकार के आदेशानुसार बारां जिले में 14 अप्रैल, 2017 से पट्टा आवंटन अभियान शुरू किया गया, जिसके अन्तर्गत 14 अप्रैल, 2017 से 27 अप्रैल, 2017 तक कुल 34 ग्राम पंचायतों में पट्टा आवंटन शिविर आयोजित किये गये, जिनमें कुल 5250 पट्टे के आवेदन प्राप्त हुये, उनमें से शिविर के दौरान कुल 2971 पट्टे जारी किये गये।

सफल कहानी संख्या - 1

42 साल की उम्र में खुली रामजानकी बाई गुजर की किस्मत

श्रीमती रामजानकी बाई पत्नी जमनालाल जाति गुजर निवासी बमूलियकलां, ग्राम पंचायत बमूलियाकलां ने कई वर्षों से अपने पुराने मकान का पट्टा लेने का ख्वाब देखा था, जो दिनांक 14.04.2017 को ग्राम पंचायत बमूलियाकलां में पट्टा आवंटन अभियान के तहत् जारी शिविर में पूरा हुआ। पट्टा आवंटन अभियान में राज्य वरिष्ठ नागरिक बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष माननीय प्रेम नारायण जी गालव द्वारा श्रीमती रामजानकी बाई गुजर को पुराने मकान का पट्टा आवंटित किया गया, तो वो बहुत खुश हुई तथा उसने बताया कि उक्त पट्टे की मैं रजिस्ट्री करवाकर बैंक से ऋण लेकर के मेरे पुराने मकान का पक्का निर्माण करवाऊंगी।
इस प्रकार हमेशा प्रयासरत रहने वाली श्रीमती रामजानकी बाई गुजर का सपना अब जाकर पूरा हुआ।

सफल कहानी संख्या - 2

सुरेन्द्र शर्मा की खुली किस्मत

दिनांक 27.04.2017 को ग्राम पंचायत चरडाना, पंचायत समिति अटरू में पट्टा आवंटन अभियान शिविर के दौरान श्रीमान् अति0 मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, बारां द्वारा श्री सुरेन्द्र शर्मा पुत्र श्री रामस्वरूप शर्मा जाति ब्राहम्ण निवासी चरडाना को 60 साल की उम्र में अपने पुराने मकान का पट्टा दिया गया, तो बहुत खुश हुए तथा उसने बताया कि अपने स्वयं का मकान का असली अधिकार अब मिला है। अब मैं इस मकान में मान सम्मान के साथ रह सकता हूँ तथा इस मकान के पट्टे पर नियमानुसार ऋण लेकर इसका पुनिर्माण करवा सकता हूँ। श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे का उक्त शिविर आयोजन कराने के कारण आभार व्यक्त किया। इस प्रकार श्री सुरेन्द्र शर्मा अपने पुराने मकान का पट्टा लेने का कई वर्षाें से देख रहा ख्वाब अब जाकर पूरा हुआ।

      

       स्वच्छ भारत अभियान की सफलता की कहानियाँ-

1.सरपंच की प्रेरणा से बनाया शौचालय पुरा परिवार करता है उपयोग

नाम श्रीमति लीला बाई पत्नि श्री भवानीशंकर उम्र 45 वर्ष गांव व पंचायत बडवा पंचायत समिति अन्ता की मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर एक ग्राम पंचायत है जिसमें कुल परिवार 737 निवास करते है इस पंचायत में ओबीसी वर्ग के परिवारों की संख्या अधिक है यहा के ज्यादातर ग्रामीण शौच करने के लिए गाँव के पास स्थित ग्रेड व रोड साइड में शौच करने के लिए जाया करते थें।
 अप्रेल 2016 में जब पंचायत में सर्वे किया गया तो 53 परिवारों के यहां ही शौचालय बने हुए थें। अप्रेल माह में अटल सेवा केन्द्र बडवा पर विकास अधिकारी व उनकी पूरी टीम ने पंचायत को ओडीएफ करने के लिए एक बडी बैठक का आयोजन किया जिसमें पंचायत के सभी कर्मचारियों व गांव के बुद्विजिवि लोगो को बुलाया और शोचालय निर्माण व उपयोग के बारे में जानकारी दी। तो पंचायत की सरपंच श्रीमति मंजू नागर ने पूरे गांव के लोगो के सामने भरी मिटिगं में इस पंचायत को वर्ष 2016 में ओडीएफ करवाने का संकल्प लिया और सभी गांव वालो से सहयोग करने की अपील की बैठक में उपस्थित श्री कुलदीप सिहं जिला समन्वयक ने सभी को सोख्ता गडडे वाला शौचालय बनाने की तकनीक बताई तो सभी ने इस प्रकार का शौचालय निर्माण करवाने की सहमति जाहिर की और सभी ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों में शौचालय का निर्माण जल्द करवाने का आश्वासन दिया। विकास अधिकारी ने पंचायत पर हर 15 दिवस में बैठक कर निर्मित शौचालयों की बात कही।सबसे पहले गांव में प्रेरित होकर श्रीमति लीला बाई ने अपने घर में शौचालय बनावाया और उसका पूरे परिवार के द्वारा उपयोग किया गया जब उनसे टीम द्वारा शौचालय के बारे में जानकारी चाही तो उन्होने बताया की प्रधानमंत्री जी ने यह अच्छी योजना चलाई है जिससे सबसे ज्यादा महिलाओं को फायदा होता है जब मेंने पहली बार शौचालय का उपयोग किया तो मुझे महसूस हुआ की महिला सुरक्षित एवं इज्जत के साथ शौचालय का उपयोग कर सकती है उसे बाहर खुले में जाने में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पडता है पर अपने घर में बने हुए शौचालय का हम हर समय पूरा परिवार उपयोग आसानी से कर सकता है मेने मेरे आस पडौस की महिलाओं को भी शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया है और कई घरों में शौचालय बने भी है और कई का काम चल रहा है।
पूरी पंचायत को ओडीएफ करने के इस गांव में कई प्रभात फेरियां, रेलियो, एक बैठको का आयोजन किया गया तथा हमारी सरपंच व आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, ग्राम सेवक व स्वच्छता प्रेरक आदी ने गांव की महिलाओं को शौचालय बनाने के लिए जागरूक किया और कहा की सभी अपने-अपने पति से पहले शौचालय निर्माण करवाए उसके बाद ही काम करे इस प्रकार सभी प्रयासों से पूरी पंचायत ओडीएफ होने वाली है और आज 549 परिवारों के यहा शौचालय का निर्माण पूर्ण हो चुका है गांव में साफ-सफाई रहने लगी है लोग बीमारियों से बचे है हम सबको अच्छा लगा व हमारे जीवन में खुशिया आई है।